वाराणसी। सनत कुमार सिंह जिला वरिष्ठउपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ काशी विद्यापीठ वाराणसी ने बताया कि शिक्षकों का वेतन रोककर अधिकारियों द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की जा रही है। माननीय न्यायालय की व्यवस्था है कि किसी भी कर्मचारी का वेतन बिना उसकी अनुपस्थिति इत्यादि के ना रोका जाय। जबरन वेतन रोककर बेसिक शिक्षकों की उपेक्षा की जा रही है। सनत कुमार सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा जबरन अधिकारियों पर दबाव बनाकर वाराणसी के लगभग एक हजार बेसिक शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है जो उचित नहीं है यह कृत्य संगठन को आन्दोलन के लिए उकसाने जैसा है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा जारी पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को दबाने के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एन.पी.एस.)को स्वीकार करने हेतु शिक्षकों पर दबाव बनाने हेतु PRAN आवंटन के बिना शिक्षकों का माह दिसंबर 2022 का वेतन रोक दिया गया है जो स्वीकार्य नहीं है। वेतन रोके जाने से शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है और ऐसे शिक्षकों का मकर संक्रांति का त्यौहार फीका पड़ रहा है। कई शिक्षकों के लोन के ई.एम.आई जमा नहीं हो पाया,जिससे शिक्षकों में काफी आक्रोश है। सनत कुमार सिंह ने कहा कि यदि अधिकारियों के अधिकार में होता तो वेतन रोकने के बजाय शिक्षकों की एन.पी.एस. कटौती अवश्य कर लेते परंतु शिक्षकों पर दबाव बनाने हेतु वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है जिससे स्पष्ट है कि यह व्यवस्था स्वैच्छिक ही है। जिन शिक्षकों के वेतन रोके गए हैं उन्हें एक सप्ताह के अंदर वेतन भुगतान किया जाय अन्यथा की स्थिति में संगठन आंदोलन की राह पकड़ने को बाध्य होगा ।
नॉन एनपीएस शिक्षकों को एक सप्ताह के अंदर भुगतान करे वेतन, अन्यथा शिक्षक देंगे धरना प्रदर्शन: सनत कुमार सिंह | Non NPS SALARY NEWS 2023
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