स्वतंत्रता के 70 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 95 मिनट के भाषण में क्या कहा ? क्लिक कर पढ़ें

स्वतंत्रता के 70 साल पूरे होने पर आज लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कुल 95 मिनट
भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार की 35 खास बातें गिनाईं। हालांकि विपक्ष ने उनके भाषण को चुनावी और स्तरहीन बताया है। आइए जानते हैं पीएम के भाषण में हमारी-आपकी क्या बात निकल कर आई : 

ग्राम प्रधान हो या प्रधानमंत्री हर किसी को सुराज केलिए अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। यह सही है
कि देश के सामने समस्याएं अधिक हैं, लेकिन हम ये न भूलें कि देश के पास सामर्थ्य भी अधिक है। देश के पास
समस्याएं अधिक हैं, तो 125 करोड़ मस्तिष्क भी है। एक समय था जब सरकार आक्षेपों से घिरी रहती थी,
लेकिन अब अपेक्षाओं से घिरी है।

आज कार्य की नहीं इस सरकार की कार्यसंस्कृति के प्रति देश का ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूं। आज मैं सिर्फ नीति की नहीं नीयत और निर्णय की भी बात करूंगा।

पहले की सरकार में मुद्रास्फीति की दर 10% को पार कर गई थी, हमने 6% से ऊपर जाने नहीं दिया। हमने रिजर्व बैंक से बात की है, अभी और असर दिखेगा। दो साल देश में आकाल रहा। सब्जियों के दाम पर असर दिखा, दाल का उत्पादन गिरा, महंगाई बढ़ी। हमने महंगाई को रोकने का भरपूर प्रयास किया है और करता रहूंगा। आपकी थाली को महंगी नहीं होने दूंगा।

रिस्पॉन्सिबिलिटी और एकाउंटिबिलिटी सुशासन कीजड़ में होनी चाहिए। आज एम्स में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और तारीख दी जाती है,उसकी रिपोर्ट भी ऑनलाइन मिलती है। आज सरकार के 40 से ज्यादा बड़े अस्पतालों में यह सुविधा चल रही है।

एक समय था जब 1 मिनट में 2000 रेल टिकट मिलते थे, आज 1 मिनट में 15000 टिकट मिलना संभव हो गया है। यही रिस्पॉसिबल गवर्नमेंट है। अब इनकम टैक्स रिफंड के लिए जुगाड़ नहीं लगाना पड़ता। तीन हफ्ते में खुद रिफंड अकाउंट में आ जाता है। पहले पासपोर्ट बनवाने में 4-5 हफ्ते, तो यूं ही निकल जाते थे। अब बिना किसी सिफारिश के 1-2 हफ्ते में पासपोर्ट आपके घर पहुंच जाता है। यही सुशासन है।

पहले कंपनियों को कारखाना खोलने के लिए 6 महीने चक्कर काटने पड़ते थे, अब 24 घंटे में ये सरकार रजिस्ट्रेशन कर रही है। सुराज के लिए सुशासन भी जरूरी है। हमने पिछले साल ग्रुप सी और डी की जॉब के लिए इंटरव्यू खत्म कर दिया था। 9000 पदों पर इंटरव्यू खत्म कर दिए।

हर ग्रामीण की अपेक्षा रहती है कि उसके गांव तक पक्की सड़क आए, हमने उसको गति देने का काम किया है।
पहले 75 किलोमीटर सड़क प्रतिदिन के हिसाब से बनती  थी हमने 100 किलोमीटर की सड़क प्रतिदिन बनाने का काम शुरू कर दिया है।

पिछले एक साल में सौर ऊर्जा में 40% वृद्धि हुई है। हमारी सरकार बनने के पहले एक साल में 35000 किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जाती थी, पर हमने 50000 किलोमीटर की लाइन बिछाई है।
रेल लाइन हमने पिछले दो साल में 3500 किलोमीटर तक बिछा दिया है। आज हमने 70 करोड़ लोगों को आधार कार्ड से जोड़ दिया है।

60 साल में 14 करोड़ रसोई गैस कनेक्शन मिले थे, हमने 60 हफ्ते में 4 करोड़ को रसोई गैस दी है।हमने कानूनों का बोझ कम करने की दिशा में भी काम किया है। हमने 1700 ऐसे कानून निकाले हैं, जो निरस्त किये जाने हैं,1175 संसद से निरस्त भी किये जा चुके हैं।

प्रधानमंत्री जनधन योजना से हमने 21 करोड़ नागरिकों को जोड़कर असंभव को संभव कर दिखाया है। हिन्दुस्तान के गांवों में खुले में शौच बंद होने की आवाज मैंने उठाई।

आज मैं कह सकता हूं कि डेढ़ करोड़ शौचालय गांवों में बनाए जा चुके हैं। 18000 गांवों में से 10 हजार गांवों में बिजली पहुंच गई है। आज कई गांव ऐसे हैं जहां आजादी के इस जश्न को लोग टीवी पर देख रहे हैं।
दिल्ली से 3 घंटे की दूरी पर हाथरस इलाके में एक गांव है नगला फटेला, लेकिन बिजली को पहुंचने में 70 साल लग गए।
एलईडी बल्ब 350 रुपये में आता था आज 50 रुपये में बेच रहे हैं। 13 करोड़ बल्ब आज पूरे देश में बांटे गए हैं। 77 करोड़ बल्ब बांटने का संकल्प है। मैं देशवासियों से अपील करता हूं कि आप अपने घर में एलईडी बल्ब लगाइए। देश के सवा सौ करोड़ रुपये को बचाया जाने का लक्ष्य है।

कतर से हमने बात की और आज हम यह कह सकते हैं कि हमारी विदेश नीति के कारण देश के 20 हजार करोड़ रुपये बच गया। ईरान अफगानिस्तान हिन्दुस्तान मिलकर चाबाहार प्रोजेक्ट की दिशा में काम कर रहे हैं। गुरु गोविंद सिंह जी की 350वीं जयंती मना रहे हैं।

किसान भाइयों को दो साल के अकाल के बावजूद देश के आनाज भंडार को भरने के लिए जो अथक प्रयास किया उसके लिए धन्यवाद देता हूं। उनका अभिनंदन करना चाहता हूं। अत्यधिक वर्षा से प्रभावितों को सरकार जरूर मदद
करेगी। दाल की बुआई डेढ़ गुना हो गई है।किसानों केलिए हमने जल प्रबंधन,सिंचन पर बल दिया है।

माइक्रो इरीगेशन पर हम ध्यान दे रहे हैं। हमने किसान की लागत कम करने के लिए सोलर पंप की दिशा में काम शुरू किया है। ताकि, उनका खर्चा कर पड़े। अबतक 77 हजार सोलर पंप बांटा गया है।अच्छे बीज के लिए हमारे देश के वैज्ञानिकों ने 131 सेज्यादा कृषि बीज तैयार किये हैं। मैं इन वैज्ञानिकों को बधाई देता हूं।

हमने खाद की कमी दूर कर दी। हमने फसल बीमा योजना बनाई। 15 लाख टन अजान भंडारण की दिशा में काम किया है। सरकारों ने अपनी पहचान बनाने के लिए बहुत कुछ किया, ऐसी ही परंपरा रही। लेकिन हमने टोटल ट्रांसपेरेंसी की दिशा में काम किया। हमने कोशिश की है कि सरकार की पहचान या दल की पहचान बने या न बने, देश की पहचान बनाने की दिशा में काम हो। साढ़े सात लाख करोड़ के प्रोजेक्ट जो लटके पड़े थे,हमने उसे भी पूरा कराने की दिशा में काम किया है।

270 प्रोजेक्ट जो अटके थे हमने उसे पूरा कराया। यूपी में हर साल गन्ना किसानों के बकाया की खबर दिखती थी। हमने पुराना बकाया 99.95% चुकता कर दिया है। इस बार जो गन्ना बेचा गया वो भी अबतक95% दाम चुका दिया गया है। जो बचा है वो भी जल्दीचुका दिया जाएगा।

गैस गांवों तक पहुंचाने का काम हमने काफी कुछ किया है  हमने पोस्ट ऑफिस को पेमेंट बैंक बनाने की दिशा में काम शुरू किया है। गांव-गांव तक पोस्ट ऑफिस में बैंक खुल जाएगा।
जो एयर इंडिया पूरी तरह बदनाम हुआ करती थी, बीएसएनएल गड्ढे में जा रहा था, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया भी घाटे में थी,हमने उन्हें उबार दिया है। इसी तरह बिजली के कारखाने कोयले के अभाव में बंद होने की नौबत पर थे,हमने उनके दरवाजों तक कोयला पहुंचा दिया है।
आधार कार्ड से लोगों के खाते में पैसा जाने लगा है इससे बिचौलिया का खात्मा हो गया है। योजनाओं से
फर्जी नाम हटाकर करोड़ों रुपये बचाए। कोयले की नीलामी में कोई दाग नहीं है।

आज विश्व एक दूसरे देश से जुड़ा हुआ है। हमें वैश्विक इकॉनोमिक को ध्यान देना होगा। दुनिया की सभी संस्थाओं ने भारत को सराहा है। विदेशी निवेश के मामले में हमारा देश आज दुनिया में सबसे पसंदीदा देश बन गया है।
यूनाइटेड नेशन की एक संस्था ने एक अनुमान लगाया है कि जो भारत आज अर्थव्यवस्था के मामले में 10वें नंबर पर खड़ा है वह दो साल में तीसरे नंबर पर आ जाएगा। वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम ने कहा कि पहले से भारत 19 अंक ऊपर बढ़ गया है।

हमने इस योजना के लिए जो प्रयास किये हैं उसके लिए देश के हर मां बाप को सजग होने की जरूरत है। हमने महिलाओं को गरीबी से लड़ने के लिए सशक्त बनाने की दिशा में काम करना शुरू किया है। हमने प्रसूती के लिए छुट्टी 26 हफ्ते कर दिया है।

स्वतंत्रता सेनानियों को जो पेंशन 25 हजार रुपये मिला करती थी, अब उन्हें 30 हजार रुपये मिलेगी। सरकार गरीबों को स्वस्थ रखने की दिशा में काम करने जा रही है। बीपीएल की एक लाख तक की बीमारी का खर्चा केंद्र सरकार वहन करेगी।

खबर स्रोत :  हिंदुस्तान
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